दोस्तों जैसा आप जानते ही है कि लण्ड नंबर 1 विजय ने अनिता को सबसे पहले चोदा था (मेरे बाद) विजय एक नंबर का चोदू था और ये अच्छा भी था क्योंकि शायद जब भी अनिता को दूसरों के लण्ड का चस्का लगा । उसकी द्वारा अनिता को मस्त होकर चुदते हुए देख कर मेरे मन मे अनिता को और लण्ड दिलवाने के ख्याल आया था । हालांकि विजय ने दो सालों तक अनिता को बहुत चोदा था जब भी विजय को मौका लगता था वो अनिता की चूत का बाजा बजा देता था लेकिन लण्ड नंबर 2 अर्जुन ने केवल एक बार चोदा था । इसके थोड़े दिन के बाद मुझे अनिता को तीसरा लण्ड दिलवाने का मन करने लग गया था । हालांकि जैसा मैने बताया कि विजय जब भी मौका लगता था वो अनिता की चूत शांत कर देता था लेकिन मैंने महसूस किया की नए लण्ड का अलग मजा होता है और यही बात अनिता को भी लगती थी इस बारे में हमारी काफी लंबी बात हुए थी जिसका जिक्र मै बाद में करूंगा अनिता की हामी भरने के बाद मैं लण्ड नंबर 3 की तलाश में लग गया । और वो बंदा मुझे नेट के द्वारा मिला । जिसने चलती बस में अनिता की चूत का स्वाद चखा था । इसकी शुरुआत याहू मेल पे चैट करने से हुई थी । उस दौरान मैंने अपनी मेल आई डी बना ली थी और नेट पे सेक्स चैट का दौर चालू हो चुका था और हम दोनों चैट पे बाते करते और एन्जॉय करते थे । मैं सिंगल लड़को के साथ अनिता की बिना फेस की नंगी फ़ोटो शेयर करके उनकी बातों का मजा लिया करता था) जब कोई मुझे अनिता के बारे में गंदे कमेंट करता था तो मुझे बड़ा अच्छा लगता था । वो कमेंट मैं अनिता को भी दिखाता था । दोस्तो समय चाहे कोई से भी हो चूत मारने के इच्छुक लोग हमेशा हाथ में लण्ड लिए तैयार रहते है चाहे वो कुंवारे हो या शादीशुदा हो चूत के दीवाने सभी होते है । मैं इन्ही में से लण्ड नंबर 3 तलाश रहा था जिसको अनिता की चूत टेस्ट कर सके ।अभी तक आपने पढ़ा ...वो कुंवारे हो या शादीशुदा हो चूत के दीवाने सभी होते है । मैं इन्ही में से लण्ड नंबर 3 तलाश रहा था जिसको अनिता की चूत टेस्ट कर सके ।दोस्तो इन्ही नेट फ्रेंड्स में से एक बंदा था विनय (बदल हुआ नाम) कोई 27 साल का स्लिम फिट लड़का था उस से काफी टाइम से चैट चल रही थी मैंने उसे अनिता की नंगी फ़ोटो दिखाई थी और उसने हमें वेब कैम पे अपना लण्ड भी दिखाया था उसका लण्ड सॉलिड था लगभाग 7 इंच के करीब का तो होगा हल्के काले रंग का था उसका लण्ड अनिता और मुझे समझ मे भी आ गया था । उसके लण्ड की बस एक बात अलग थी । जैसे सबका टोपा लण्ड से थोड़ा ज्यादा मोटा होता है लेकिन इसका टोपा लण्ड जितना ही मोटा था और हल्का सा ऊपर की तरफ घूमा हुआ था । औरों से थोड़ा अलग हट के लण्ड था इसका । इस से काफी टाइम से मिलने की बात चल रही थी फिर अचानक एक मौका बना इससे मिलने का । हुआ ये की मेरे साथ पढ़ने वाला एक दोस्त बहुत पहले देहरादून शिफ्ट हो गया थ वहाँ उसका अच्छा व्यापार भी सेट था उसने मुझे देहरादून घूमने बुलाया (जब तक हम देहरादून शिफ्ट नही हुए थे ) मुझे लगा ये अच्छा मौका है विनय को देहरादून बुला लेता हूँ और एक रात उसके साथ होटल में रुक के अनिता की गर्मी शांत करवा दूंगा । मैंने अनिता से बात की वो तैयार हो गई ।अब मैंने विनय को अपना प्लान बताया मगर वो बोला मुझे जॉब की वजह से 15 दिन के लिए हरिद्वार में काम से जाना है तो देहरादून जाना नही हो पायेगा । मगर उसने मुझे एक सुझाव दिया वो बोला क्यों न हम तीनों स्लीपर बस से चले मैं हरिद्वार उतर जाऊंगा आप दोनों देहरादून चले जाना क्योंकि देहरादून जाने वाली ज्यादातर स्लीपर बसे हरिद्वार होके जाती है उसने बोला बुकिंग वो करवा देगा उसका आईडिया मुझे पसंद आ गया । क्योंकि हम पहले भी एक दो बार स्लीपर से देहरादून जा चुके थे । स्लीपर का सफर बहुत ही आरामदायक होता है । स्लीपर बस में ड्राइवर के पीछे डबल स्लीपर होता है जिसमे 2 आदमी सो सकते है और कंडक्टर साइड सिंगल स्लीपर होता है जो एक आदमी के लिए होता है तो प्लान ये था कि वो अनिता को चोदता हुआ डबल स्लीपर में जायेगा और मैं अकेला सिंगल स्लीपर मेंतो प्लान ये था कि वो अनिता को चोदता हुआ डबल स्लीपर में जायेगा और मैं अकेला सिंगल स्लीपर में दोस्तो मैं पहले आपको स्लीपर बस के बारे में बता देता हूँ हम लोग अक्सर देहरादून जिस स्लीपर बस में जाते थे वो थी लष्मी हॉलीडेज की वॉल्वो स्लीपर बस वैसे तो देहरादून के लिए बहुत सारी बस सर्विस है लेकिन ये लष्मी हॉलीडेज सबसे प्राइम सर्विस में से एक है इनका दिल्ली आफिस मजनू का टीला पे है । पहले इनकी बसों में स्लीपर की दो लाइन होती है एक लाइन ऊपर और एक नीचे । केबिन एक शीशे के द्वारा बंद होता था यानी के शीशे बंद करने के बाद वो आपका एक प्राईवेट केबिन बन जाता था । ( कई बसों में शीशे की जगह पर्दे भी लगे होते है ) कोई डिस्टर्बेंस नही सिंगल और डबल स्लीपर दोनों में ही शीशे लगे होते थे । आप शीशे बंद करने के बाद कैसे भी रहो किसी को पता नही चलता था उस पर से फुल्ली ऐ सी । तो दोस्तो मैने विनय के साथ मिलके पूरी सेटिंग कर ली और मैं तैयार था अनिता को चुदवाते हुए देहरादून जाने के लिए । आखिर वो दिन आ ही गया जब हमने देहरादून जाना था वैसे तो बस ISBT दिल्ली से भी जाती थी लेकिन हमने सोचा कि क्यों न इनके मजनू का टीला वाले आफिस से बस पकड़े ताकि हमे ज्यादा से ज्यादा टाइम मिल सके । हमारे केबिन ऊपर वाली लाइन में थे और लगभग बस के लास्ट में थे इसमें डिस्ट्रुबंस कम थी । हम निश्चित टाइम पे आफिस पहुंच गए और हम बस में अपने स्लीपर पे बैठ गए अब बस isbt के लिए चल पड़ी विनय ने बस isbt से पकड़नी थी । आफिस से बस चलते ही मैंने शीशे बंद करके अनिता को चूसने लगा । लगभाग 15 मिनट लगे isbt पहुंचने में इतने में मैंने अनिता को जी भरकर चूमा और चूसा और चुसते चुसते उसकी साड़ी खोल दी और पेटीकोट के नीचे से कच्छी निकाल के उसको नीचे से नंगा कर दिया । अब isbt से सवारी बस में चढ़ने लगी इतने में विनय भी आ गया हमने शीशा खोल के उस से हाय हेलो की अनिता को देखते ही विनय की आंखों में चमक आ गयी अब विनय सिंगल स्लीपर में था और हम डबल में हमारे केबिन ठीक आमने सामने थे । थोड़ी देर बाद बस चल पड़ी । बस अभी लगभग 1 घंटे तक दिल्ली में ही रहना था अलग अलग जगह से सवारी बैठानी थी । 1 घंटा मेरे लिए बहुत था अनिता को फुल गरम करके उसकी चूत को अच्छे से चाट के इतना गिला करने के लिए की विनय का लण्ड आराम से अंदर जा सके ........1 घंटा मेरे लिए बहुत था अनिता को फुल गरम करके उसकी चूत को अच्छे से चाट के इतना गिला करने के लिए की विनय का लण्ड आराम से अंदर जा सके ... तो दोस्तो बस अब चल चुकी थी और लगभग 11/12 बजे करीब शाहदरा से उसने आखरी सवारियां बैठानी होती है उसके बाद सीधा मुज्जफरनगर रुकते है चाय पानी और रिफ्रेशमेंट के लिए । मेरा प्लान ये था कि शाहदरा से पहले मैं अनिता को तीसरा लण्ड लेने के लिए अच्छी तरह से तैयार कर देता हूँ और शाहदरा के बाद मैं सिंगल केबिन में चला जाऊंगा और विनय अनिता के साथ डबल केबिन में उसकी अच्छे से चुदाई करता जाएगा इस सब मे बस एक ही दिक्कत थी कि मैं अनिता को चुदते हुए नही देख पाऊंगा लेकिन मुझे पता था कि अनिता मुझे सब बता देगी जिसमे ज्यादा मजा आएगा । अब चलती बस में मैं अनिता को चूमते चाटते हुए धीरे धीरे उसे पूरा नंगा कर रहा था और उसे उकसा रहा था कि कैसे थोड़ी देर में एक नया लण्ड तेरी चूत का बाजा बजायेगा और हाँ चुदने के बाद मुझे तेरे मुँह से पूरी बात सुननी है कि उसने कैसे कैसे चोदा पूरे पूरे मजे लियो और पूरे पूरे मजे दियो । मेरी बातों से अनिता की बैचैनी बढ़ती जा रही थी । इस तरह बाते करते करते मैंने अनिता को पूरा नंगा कर दिया मैंने देखा अनिता की चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी । वैसे तो मेरा लण्ड भी फुल टाइट था अनिता की चुदाई की सोच के । मन कर रहा था कि अभी चूत मार लू अनिता की लेकिन आप जानते ही हो मुझे चुदी हुई चूत मारने में ज्यादा मजा आता है । दोस्तो अब अनिता पूरी नंगी होके चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार थी मैं लगातार अनिता के होंठ चूस रहा था इसके बूब्स दबा रहा था और उसकी चूत को सहला रहा था । इतने में शाहदरा आ गया कन्डेक्टर ने आवाज लगाई की जिसने पेशाब जाना है चले जाओ अब बस मुजफ्फरनगर से पहले नही रुकेगी । तो मैं नंगी अनिता के ऊपर कंबल डाल के नीचे उतर गया और विनय भी नीचे आ गया जैसा हमने पहले ही सेट किया हुआ था । हम दोनों पेशाब करने गए तो मैने देखा विनय का लण्ड टाइट था हम दोनों बस में चढ़े और केबिन बदल लिए विनय मेरी जगह डबल केबिन में चढ़ा और मैं सिंगल केबिन में । मैंने देखा कि विनय ने शीशा बंद करने से ठीक पहले अनिता का मुंह पकड़ के उसके दोनों होंठो को अपने मुँह में लेते हुए उसने शीशा बंद कर दिया । अब मैं अकेला सिंगल केबिन में अपने लण्ड को हाथ मे लेकर लेटा था और दिमाग मे चल रहा था कि अब अनिता की चुदाई कैसे कैसे होगी और कितनी होगी अब मैं अकेला सिंगल केबिन में अपने लण्ड को हाथ मे लेकर लेटा था और दिमाग मे चल रहा था कि अब अनिता की चुदाई कैसे कैसे होगी और कितनी होगी . दोस्तों अब विनय अनिता के साथ उस केबिन में बंद था और पक्का है कि वो उसको चोदेगा लेकिन कैसे और कितना ? ये सोच कर मेरा लण्ड टाइट हो रहा था उन दोनों की चुदाईके बारे में सोच सोच कर मुझे एक्सेइटमेंट हो रही थी और मैने अपना लण्ड हिलाना शुरू कर दिया कुछ देर में ही मेरा माल निकल गया ।अब सिर्फ मेरे दिमाग की उड़ान थी और बस के इंजिन की हल्की हल्की लयबद्ध आवाज थी । इन सब के चलते मेरी आँख कब लग गई पता ही नही चला इसके बाद मेरी आँख जब खुली जब कन्डेक्टर आवाज लगा रहा था कि बस आधे घंटे के लिए रुकेंगे चाय पानी के लिए । यानी के मुजफ्फरनगर आ चुका था मतलब तीन साढ़े तीन घंटे का सफर हो चुका था । मुझे बहुत उत्सुकता हुई कि दूसरे केबिन में क्या चल रहा होगा ? जब लगभग सवारियां उतर गई अब बस खाली थी अब मैं उतरा और मैने बिना आवाज दिए उनके केबिन का शीशा खोल दिया । मैंने देखा विनय फूल नंगा आधा बैठा हुआ था और अनिता पूरी नंगी घोड़ी बनी हुई उसका लण्ड चूस रही थी । विनय का आधा लण्ड अनिता के मुँह में था और वो बड़े मजे से उसे चूस रही थी । मैंने दोनों से पूछा फ्रेश होना है ? अनिता ने इनकार में सिर हिलाया लेकिन विनय बोला मैं आता हूँ । उन दोनों को उसी पोज में छोड़ मैंने उनका शीशा बंद कर दिया और बस से उतर गया । मेरी सोच सही थी जब से विनय केबिन में गया तब से उन दोनों की चुदाई चालू है । मैं सोच रहा था कि अब तक विनय ने कितने शॉट मार लिए होंगे जब से विनय केबिन में गया तब से उन दोनों की चुदाई चालू है । मैं सोच रहा था कि अब तक विनय ने कितने शॉट मार लिए होंगे दोस्तों मैं बस से नीचे उतर आया पेशाब करके मैं बस के पास ही आकर टहलने लगा थोड़ी देर में विनय भी आ गया और आते ही उसने मुझे गले से लगा लिया और खुशी से झूमते हुए बोला अजय भाई मजा आ गया इतनी जबरदस्त माल है आपकी वाइफ की पूछो मत मैंने कई भाभी चोदी है जितना मजा अनिता भाभी ने दिया उतना आज तक किसी ने नही दिया सच मे । एक बात और चूत बहुत टाइट है अनिता की तुम चोदते नही हो क्या ? एक बार फिर आपका धन्यवाद जन्न्त का मजा दे दिया भाभी ने और चूसती भी मस्त है भाई । विनय की बात सुन के मेरे मन मे हलचल मच गई रही सही कसर उसने इसके बाद बोला उस से पूरी हो गईं । बोला भाई यहां कंडोम मिल जाएंगे क्या मैं केवल 3 ही लाया था उनमें से एक फट गया है इसलिए और कंडोम चाहिए । इतना सुनते ही मुझे सनसनी मच गई । कंडोम फट गया तो क्या इसने अपना माल अनिता की चूत में छोड़ दिया ? और इसने अब तक कितने शॉट मार लिए होंगे और कितने मरेगा ? इन बातों का जबाब मुझे अनिता ही दे सकती थी । इसके बाद हम दोनों ने चाय ले ली और बाते करने लगे विनय बहुत चहक रहा था और उसके ट्रेक सूट में उसके लण्ड वाला हिस्सा कुछ ज्यादा ही उठा हुआ लग रहा था । चाय पी के मैं बस की तरफ चल पड़ा विनय बोला आप चलो मैं कंडोम ले आऊँ । मैं सीधा अनिता के पास गया अनिता गले तक कंबल ओढ़ के लेटी हुई थी उसके बिखरे हुए बाल और उसकी हालत बता रही थी जो भी हुआ है जबरदस्त हुआ है मैंने अनिता के बालों में हाथ फिराते हुआ पूछा कैसा रहा ? अनिता ने मुस्काते हुए बोला मजा आ गया । मैं - कितने शॉट हुए मैं - माल अंदर छोड़ा क्या ? अनिता ने इनकार में सिर हिलाया मैंने पूछा जो कंडोम फटा ? सब बताऊंगी डार्लिंग वो कहाँ रह गया ? मैं समझ गया अनिता की तस्सली नही हुए है मैं बोला अभी और कंडोम ले के आ रहा है । मैंने कंबल में हाथ डाल के अनिता की चूत को छुआ तो मैने महसूस किया अनिता का छेद पहले से बड़ा लग रहा था इतने में विनय आ गया अब मैं केबिन से उतर आया और विनय केबिन में चढ़ गया । जब विनय केबिन का शीशा बंद कर रहा था तो अनिता कंबल हटा के उसे बांहों में भर रही थी । मैं समझ चुका था विनय उतरने तक अनिता की चूत मरना बंद नही करेगा यानी आज सारी रात अनिता चुदने वाली थी पहले विनय उसके बाद मैंमैं समझ चुका था विनय उतरने तक अनिता की चूत मरना बंद नही करेगा यानी आज सारी रात अनिता चुदने वाली थी पहले विनय से और उसके बाद मैंदोस्तों अब अनिता की चुदाई का दूसरा दौर शुरू हो चुका था और मैं सिंगल केबिन में अनिता के के चुदने के स्टाईल के बारे में सोचते हुए अकेला लेटा था उधर अनिता की ठुकाई चालू थी । मेरी फिर आंख लग गई और मेरी आँख कन्डेक्टर की आवाज से खुली हरिद्वार वाले उतरने के लिए तैयार हो जाओ मैं तुरंत उठ के बैठ गया बाकी सवारिया भी उठना शुरू हो गई थी तभी अनिता वाला केबिन खोल के विनय भी नीचे उतर आया और मैं भी । विनय बोला बाय अजय जी आप लोगो से मिलके बड़ा मजा आया मैं बोला थैंक्स डिअर और हम लोगो ने हाथ मिलाया मैंने देखा विनय ने चुपके से मेरे हाथ मे कुछ पकड़ा दिया था मैंने देखा तो 500 के कुछ नोट थे मैंने मना करना चाह तो विनय ने बोला मेरी तरफ से अनिता जी के लिए है । मैंने पैसे चुपचाप जेब मे रख लिए अब उस डबल केबिन में चढ़ गया मैंने देखा अनिता वैसे ही कंबल ओढ़ के लेटी थी यानी के अभी भी पूरी नंगी ही थी । मैं अनिता को कुछ बोलता इतने में विनय की आवाज आई अजय यार मेरा वॉलेट देना वहां पीछे रखा रह गया है । मैंने इशारे से विनय को ऊपर की तरफ बुलाया जैसे ही विनय ऊपर की तरफ आया मैंने उसके पजामे में से उसका लण्ड पकड़ के बाहर निकल लिया वो भी ऐसे की कोई देख न पाए फिर मैंने अनिता की गर्दन के पीछे हाथ लगा कि उसका मुंह विनय के लण्ड की तरफ कर दिया उसके लण्ड में अभी भी जान थी और अनिता मेरा इशारा समझ गई उसने विनय के लण्ड को मुँह में भर लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसा अनिता और विनय के चेहरे पे खुशी दौड़ गई अनिता ने लण्ड छोड़ा तो विनय ने उसके होंठो पे एक तगड़ी सी किस की ये हमारी गुड बाय किस थी और विनय बस से उतर गया । थोड़ी देर में बस चल पड़ी अब उस केबिन में मैं और अनिता थे वैसे केबिन के हालात बता रहे थे कि क्या हुआ था यहां । बस चलते ही मैंने सबसे पहले अपने सारे कपड़े उतार के पूरा नंगा हो गया । सबसे पहले मैंने अनिता का कम्बल उतार के उसके नंगे बदन को अच्छे से अपने ले चिपका लिया अनिता भी बुरी तरह मुझसे चिपक गयी । थोड़ी देर तक ऐसे ही रहने के बाद मैंने उसके उन्ही होंठो को चूसना शुरू किया जिन होंठो ने अभी विनय का लण्ड चूसा था और विनय ने इन होंठो को चूसा था अनिता का शरीर अभी भी धधक रहा था धधके भी क्यों न सारी रात इसी बदन से खेला जा रहा था । मेरे मन मे बहुत से सवाल उमड़ रहे थे जिनका जबाब अनिता के पास था । मैंने पूछा डार्लिंग कितनी बार चुदी अनिता बोली 3 बार । चुदाई कैसी थी अनिता बोली मजा आ गया पूरा शरीर निचोड गया वो दोस्तों विनय तो जा चुका था अब मेरी बारी थी अनिता को चोदने की लेकिन चोदने से पहले मैं अनिता के मुँह से उसने कैसे चोदा ये सुनना चाहता था और आप लोग सच मानना इसमें मुझे चूत मारने से ज्यादा मजा आने वाला था । अब हम दोनों नंगे एक दूसरे से चिपटे हुए धीमी आवाज में बाते कर रहे थे । मैंने अनिता से बोला डार्लिंग मैं पूरी चुदाई सुनना चाहता हूँ तुम्हारे मुँह से वो भी साफ शब्दों में प्लीज मुझे सब बताओ हर एक बात । अनिता ने बताना शुरू किया (अनिता के शब्दों में ) तुम तो मेरा मूड बना ही चुके थे ना तो तुमने चूत में उंगली डाली ना ही लण्ड बस चाट चाट के पूरा चिकना कर दिया था साथ ही पूरा नंगा भी कर गए थे मेरा बहुत ज्यादा मन कर रहा था और मैं बड़ी बेसब्री से उसका इंतजार कर रही थी । पता है उसने आते ही मुझे जबरदस्त किस किया आपने भी देखा होगा ना । उसके बाद उसने मेरा कम्बल हटा कर मुझे अच्छे से देखते हुए अपने कपड़े उतारने लगा । जब वो पूरा नंगा हो गया तो मेरे ऊपर आ गया पता है जब उसने कपड़े उतारे तो उसका लण्ड पूरा टाइट था । मेरे ऊपर आने के बाद उसने मुझे पूरे फेस पे किस किया उसके हाथ मेरे पूरे शरीर पे फिसल रहे थे लेकिन जब उसने मेरी चूत पे हाथ फिराया तो वो रुक गया क्योंकि तुम मेरी चूत को पूरा गिला जो कर गए थे उसने टांगे खोल के मेरी चूत को देखा और बस एक बार मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटा और अपने कपड़ों में से कंडोम निकाल के अपने लण्ड पे चढ़ा लिया । मेरा दिल तो कर रहा था मैं चढ़ाऊँ लेकिन मैने बोला नही । वो मेरे ऊपर आया मेरी टांगे खोली अपना लण्ड चूत के छेद पे रख के दबाने लगा । तुम्हारे चिकना करने की वजह से लण्ड अंदर तो घुसा लेकिन तुमने देखा था ना उसका कितना मोटा और लंबा था यार अंदर जाने में बड़ा दर्द कर रहा था मेरे मुँह से चीख ना निकल जाए इसलिए उसने मेरा मुँह भीच लिया था। पता है बड़ी मुश्किल से पूरा अंदर गया लेकिन मजा आ गया बिल्कुल लोहे जैसा था । फिर उसने दो तीन झटके ही मारे और पूरी ताकत से अंदर डाल के झड़ गया

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